मुख्य बिंदु:
- राज्यों को टैक्स हिस्सेदारी के रूप में केंद्र सरकार ने नवंबर महीने की 1,09,019 करोड़ रुपये की नियमित किस्त तय समय से पांच दिन पहले जारी कर दी है।
- आगामी त्योहारी सीजन के दौरान राज्यों में पूंजीगत व्यय (Capital Spending) और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देने के लिए यह राशि एडवांस दी गई है।
- वहीं दूसरी ओर, एक अंतर-मंत्रालयी समूह ने सरकारी टेलीकॉम कंपनी एमटीएनएल (MTNL) के कर्ज को घटाने के लिए उसकी 1,100 करोड़ रुपये की जमीन और इमारतें बेचने की सिफारिश की है।
त्योहारी सीजन के बीच विकास कार्यों और बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों को टैक्स हिस्सेदारी के तौर पर 1,09,019 करोड़ रुपये की बड़ी रकम एडवांस में जारी कर दी है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, सामान्य तौर पर हर महीने की 10 तारीख को दी जाने वाली यह मासिक किस्त इस बार पांच दिन पहले यानी 5 नवंबर को ही सभी 28 राज्यों के खातों में हस्तांतरित कर दी गई है। वहीं आर्थिक मोर्चे पर एक अन्य बड़े घटनाक्रम में सरकारी पैनल ने कर्ज में डूबी एमटीएनएल की 1,100 करोड़ रुपये की संपत्तियों के मौद्रीकरण का भी प्रस्ताव रखा है।
मिली जानकारी के मुताबिक, वित्त मंत्रालय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहारों के समय राज्य सरकारों के पास विकास और सामाजिक कल्याण से जुड़े खर्चों के लिए पर्याप्त नकदी उपलब्ध रहे। मौजूदा व्यवस्था के तहत केंद्र सरकार द्वारा वसूले जाने वाले कुल केंद्रीय करों का 41 प्रतिशत हिस्सा एक वित्त वर्ष के दौरान 14 किस्तों में राज्यों के बीच बांटा जाता है। केंद्रीय बजट 2026-27 में राज्यों को कुल 15.26 लाख करोड़ रुपये का कर हस्तांतरण किए जाने का अनुमान रखा गया है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्यों को टैक्स हिस्सेदारी के इस ताजा आवंटन में सबसे बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश को मिला है, जिसके खाते में 19,208 करोड़ रुपये आए हैं। इसके बाद बिहार को 10,845 करोड़ रुपये और मध्य प्रदेश को 8,010 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। अन्य प्रमुख राज्यों की बात करें तो पश्चिम बंगाल को 7,866 करोड़, महाराष्ट्र को 7,022 करोड़, राजस्थान को 6,460 करोड़, ओडिशा को 4,819 करोड़ और कर्नाटक को 4,504 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
राज्यों को टैक्स हिस्सेदारी का राज्यवार गणित और वित्त मंत्रालय का फैसला
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के इस कदम से उन राज्यों को तत्काल वित्तीय राहत मिलेगी जो मानसून के बाद सड़कों, पुलों और सिंचाई जैसी बड़ी परियोजनाओं पर काम तेज करना चाहते हैं। राज्यों को टैक्स हिस्सेदारी की यह रकम मिलने से गुजरात (4,094 करोड़ रुपये), तमिलनाडु (4,466 करोड़ रुपये), आंध्र प्रदेश (4,597 करोड़ रुपये), झारखंड (3,660 करोड़ रुपये) और छत्तीसगढ़ (3,602 करोड़ रुपये) जैसे राज्यों को भी अपने चालू तिमाही के बजट लक्ष्यों को पूरा करने में सीधी मदद मिलेगी। इसके अलावा पंजाब को 2,176 करोड़, हरियाणा को 1,484 करोड़ और उत्तराखंड को 1,244 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
आर्थिक जानकारों का कहना है कि त्योहारी तिमाही में अक्सर राज्यों के पास नकदी का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे समय में राज्यों को टैक्स हिस्सेदारी का समय से पहले मिलना बाजार में मांग और सरकारी खर्च के चक्र को मजबूत बनाए रखेगा। यह नियमित हस्तांतरण राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) के तहत मिलने वाली आपदा सहायता से पूरी तरह अलग है।
एमटीएनएल की संपत्ति बिक्री और सरकारी कंपनियों के कर्ज प्रबंधन की रणनीति
एक तरफ जहां राज्यों को विकास के लिए फंड दिया जा रहा है, वहीं केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के भारी कर्ज को कम करने पर भी तेजी से काम कर रही है। लोक उद्यम विभाग के सचिव के. मोसेस चलाई और दूरसंचार सचिव अमित अग्रवाल की सह-अध्यक्षता वाले अंतर-मंत्रालयी समूह (IMG) ने महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (MTNL) की 1,100 करोड़ रुपये मूल्य की अतिरिक्त जमीन और इमारतों को बेचने की सिफारिश की है। अब इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट द्वारा अधिकृत तंत्र (Alternative Mechanism) के सामने रखा गया है।
गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2025-26 में एमटीएनएल की कुल देनदारियां बढ़कर लगभग 40,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई हैं और कंपनी को पिछले वित्त वर्ष में 3,102 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। एसबीआई (SBI), पीएनबी (PNB) और बैंक ऑफ इंडिया समेत कई सरकारी बैंकों के लोन डिफॉल्ट का सामना कर रही इस कंपनी के लिए एमटीएनएल की संपत्ति बिक्री एक बड़ा सहारा बनेगी। नेशनल लैंड मॉनेटाइजेशन कॉरपोरेशन (NLMC) के जरिए इन गैर-जरूरी संपत्तियों को बेचा जाएगा। कुल मिलाकर, राज्यों को टैक्स हिस्सेदारी के एडवांस वितरण और सरकारी संपत्तियों के मौद्रीकरण जैसे दोनों कदम देश के राजकोषीय संतुलन को साधने की केंद्र की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: राज्यों को टैक्स हिस्सेदारी के तहत नवंबर में केंद्र सरकार ने कुल कितनी राशि जारी की है और सबसे ज्यादा पैसा किसे मिला?
उत्तर: केंद्र सरकार ने 10 नवंबर के बजाय 5 नवंबर को ही एडवांस के तौर पर 1,09,019 करोड़ रुपये जारी किए हैं, जिसमें सबसे अधिक 19,208 करोड़ रुपये उत्तर प्रदेश और 10,845 करोड़ रुपये बिहार को मिले हैं।
प्रश्न 2: सरकारी पैनल ने एमटीएनएल (MTNL) की कितनी संपत्ति बेचने की सिफारिश की है और क्यों?
उत्तर: एमटीएनएल के लगभग 40,000 करोड़ रुपये के भारी कर्ज के बोझ को कम करने के लिए अंतर-मंत्रालयी पैनल ने एनएलएमसी (NLMC) के माध्यम से कंपनी की 1,100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त जमीन और इमारतें बेचने की सिफारिश की है।
स्रोत: केंद्रीय वित्त मंत्रालय की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति एवं प्रमुख बिजनेस मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर (BhaaratFeed न्यूज़ डेस्क)