Homeटेक्नोलॉजी / Technologyओपनएआई जीपीटी-6 साइबर: हैकिंग रोकने के लिए लॉन्च हुआ सबसे ताकतवर एआई...

ओपनएआई जीपीटी-6 साइबर: हैकिंग रोकने के लिए लॉन्च हुआ सबसे ताकतवर एआई मॉडल

एक नज़र में बड़ी बातें (Key Highlights):

  • ओपनएआई जीपीटी-6 साइबर (OpenAI GPT-6 Cyber) मॉडल को सॉफ्टवेयर की सुरक्षा खामियां ढूंढने और उन्हें ठीक करने के लिए आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया गया है।
  • इस नए एआई सिस्टम ने मोज़िला फायरफॉक्स ब्राउज़र में 81 अज्ञात गंभीर खामियां और लिनक्स कर्नेल में 948 वर्किंग एक्सप्लॉइट्स का पता लगाया है।
  • कंपनी ने अपनी सुरक्षा रूपरेखा के तहत इसे पहली बार ‘क्रिटिकल’ (Critical) साइबर सुरक्षा श्रेणी में रखा है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ओपनएआई ने साइबर हमलों की बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए ओपनएआई जीपीटी-6 साइबर नाम से अपना सबसे उन्नत एआई मॉडल लॉन्च किया है। यह विशेष मॉडल दुनियाभर के साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं और टेक्नोलॉजी कंपनियों को हैकर्स से पहले अपने सॉफ्टवेयर व सर्वर की कमजोरियां पहचानने और उन्हें तुरंत पैच करने में मदद करेगा। कंपनी के मुताबिक, पुराने वर्जन जीपीटी-5.6 साइबर की तुलना में यह नया सिस्टम जटिल कोडिंग खामियों को पकड़ने में कहीं अधिक सटीक और तेज है।

मिली जानकारी के मुताबिक, ओपनएआई ने अपने ‘प्रिपेयर्डनेस फ्रेमवर्क’ (Preparedness Framework) के तहत इस नए मॉडल को साइबर सुरक्षा के मामले में ‘क्रिटिकल’ रेटिंग दी है, जबकि पिछले मॉडल को ‘हाई’ श्रेणी में रखा गया था। साइबर सुरक्षा बेंचमार्क ‘एक्सप्लॉइटजिम’ (ExploitGym) की टेस्टिंग में ओपनएआई जीपीटी-6 साइबर ने 48.5 प्रतिशत स्कोर हासिल किया है, जो पिछले वर्जन के 32.1 प्रतिशत के मुकाबले 51 फीसदी का बड़ा सुधार दर्शाता है।

इसके अलावा वेब पेनिट्रेशन टेस्टिंग के दौरान भी इस मॉडल ने जीपीटी-6 एस्ट्रा के 32 प्रतिशत के मुकाबले 40.3 प्रतिशत सुरक्षा खामियों को सफलतापूर्वक चिह्नित किया। सुरक्षा जांच के दौरान तय की गई सीमाओं (Authorized Boundaries) के भीतर रहने के परीक्षण में इसने सुरक्षा प्रॉम्प्ट के साथ 100 प्रतिशत सटीकता दिखाई है, जिससे अनधिकृत सिस्टम्स को नुकसान पहुंचने का जोखिम नहीं रहता।

ओपनएआई जीपीटी-6 साइबर ने लिनक्स और फायरफॉक्स में पकड़ीं सैकड़ों खामियां

लॉन्च से पहले किए गए वास्तविक परीक्षणों में ओपनएआई जीपीटी-6 साइबर ने दुनिया के सबसे बड़े ओपन-सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम और वेब ब्राउज़र में सैकड़ों खामियां उजागर कर सबको चौंका दिया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस एआई मॉडल ने लिनक्स कर्नेल (Linux Kernel) की 1,724 सुरक्षा कमजोरियों को री-प्रोड्यूस किया और उनमें से 948 के लिए वर्किंग एक्सप्लॉइट तैयार कर दिखाए। कंपनी ने इनमें से 304 बेहद गंभीर कमियों की जानकारी संभावित सुधार (Patches) के साथ लिनक्स के डेवलपर्स को सौंप दी है।

वहीं दूसरी ओर, इस मॉडल ने लोकप्रिय वेब ब्राउज़र मोज़िला फायरफॉक्स (Mozilla Firefox) में 81 ऐसी हाई-सीवियरिटी खामियां खोजीं, जिनके बारे में पहले किसी को जानकारी नहीं थी। इसके साथ ही जांच में यह भी सामने आया कि फायरफॉक्स की 30 पुरानी ज्ञात कमियां पहले के अनुमान से कहीं ज्यादा खतरनाक थीं। ओपनएआई द्वारा रिपोर्ट साझा किए जाने के बाद मोज़िला ने इनमें से अधिकांश बग्स के लिए सुरक्षा अपडेट जारी कर दिए हैं।

साइबर सुरक्षा एआई मॉडल कैसे रोकेगा सॉफ्टवेयर हैकिंग और बग्स का खतरा

डिजिटल दौर में बैंकिंग, क्लाउड डेटा सेंटर और सरकारी नेटवर्क पर बढ़ते रैनसमवेयर व साइबर हमलों के बीच यह नया साइबर सुरक्षा एआई मॉडल एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित हो सकता है। भारत सहित पूरी दुनिया में आईटी और फिनटेक कंपनियां अपने सॉफ्टवेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित रखने के लिए बड़े पैमाने पर ऑटोमेटेड कोड रिव्यू अपना रही हैं। सिस्को (Cisco), कैलिफ और कोडरैबिट (CodeRabbit) जैसी दिग्गज कंपनियों की सुरक्षा टीमें पहले ही अपने सिस्टम में सॉफ्टवेयर हैकिंग और बग्स की पहचान के लिए इस तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर चुकी हैं।

फिलहाल कंपनी ने ओपनएआई जीपीटी-6 साइबर का एक्सेस अपने ‘डेब्रेक रेड’ (Daybreak Red) प्रोग्राम से जुड़े चुनिंदा भरोसेमंद ग्राहकों और सुरक्षा शोधकर्ताओं को एपीआई (API) और कोडेक्स के जरिए उपलब्ध कराया है। इसका गलत इस्तेमाल रोकने के लिए कंपनी ने कड़े सेफगार्ड्स भी लगाए हैं, ताकि पावर प्लांट, जल आपूर्ति और अन्य संवेदनशील राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे के खिलाफ किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि को तुरंत ब्लॉक किया जा सके।

पाठकों के प्रमुख सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: ओपनएआई जीपीटी-6 साइबर मॉडल का मुख्य काम क्या है?
उत्तर: ओपनएआई जीपीटी-6 साइबर एक विशेष एआई मॉडल है, जिसे सॉफ्टवेयर, ऑपरेटिंग सिस्टम और वेब नेटवर्क में मौजूद सुरक्षा खामियों (Bugs) को हैकर्स से पहले ढूंढने और उन्हें ठीक करने के लिए बनाया गया है।

प्रश्न 2: इस नए एआई मॉडल ने अब तक कौन-सी बड़ी तकनीकी खामियां पकड़ी हैं?
उत्तर: इस मॉडल ने परीक्षण के दौरान लिनक्स कर्नेल में 948 वर्किंग एक्सप्लॉइट्स और मोज़िला फायरफॉक्स ब्राउज़र में 81 नई गंभीर सुरक्षा कमियों का पता लगाकर उन्हें ठीक कराने में मदद की है।

स्रोत: ओपनएआई (OpenAI) के आधिकारिक तकनीकी ब्लॉग एवं प्रमुख ग्लोबल टेक रिपोर्ट्स के इनपुट के साथ (BhaaratFeed न्यूज़ डेस्क)

irsh
irshhttp://bhaaratfeed.com
My name is M. Irsh, and I am the founder of BhaaratFeed.com, a digital news platform created for Indian readers. I am interested in news, current affairs, and digital media.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read