खास बातें (Key Highlights):
- अमेरिकी शेयर बाजार में गूगल अल्फाबेट शेयर गिरावट ने नया रिकॉर्ड बनाया, एक ही दिन में कंपनी के शेयर 12.6% तक लुढ़क गए।
- तीसरी तिमाही के नतीजों के बाद कंपनी की मार्केट वैल्यू से करीब 480 से 500 अरब डॉलर (लगभग 42 लाख करोड़ रुपये) साफ हो गए।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर पर 51.4 अरब डॉलर के भारी-भरकम खर्च और निगेटिव फ्री कैश फ्लो से निवेशकों में चिंता बढ़ी।
अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट में दिग्गज टेक कंपनी गूगल की पैरेंट फर्म को लेकर गूगल अल्फाबेट शेयर गिरावट का अब तक का सबसे बड़ा झटका देखने को मिला है। गुरुवार, 29 अक्टूबर को तीसरी तिमाही (Q3) के वित्तीय नतीजे उम्मीद से कमजोर रहने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ते बेतहाशा खर्च के चलते अल्फाबेट इंक के शेयरों में 12.6 प्रतिशत की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। साल 2004 में कंपनी के आईपीओ (IPO) आने के बाद से यह एक दिन में आई सबसे बड़ी गिरावट है, जिससे निवेशकों के करीब 500 अरब डॉलर एक झटके में डूब गए।
मिली जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी बाजार के इतिहास में किसी भी कंपनी के बाजार पूंजीकरण (Market Cap) में एक दिन में हुई यह दूसरी सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। इससे पहले जनवरी 2025 में चिप निर्माता कंपनी एनवीडिया (Nvidia) को एक दिन में 590 अरब डॉलर का नुकसान झेलना पड़ा था।
तिमाही नतीजों के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अल्फाबेट का राजस्व सालाना आधार पर 25 प्रतिशत बढ़कर 127.58 अरब डॉलर रहा, लेकिन यह वॉल स्ट्रीट के 128.2 अरब डॉलर के अनुमान से पीछे रह गया। गूगल अल्फाबेट शेयर गिरावट की सबसे बड़ी वजह कंपनी का प्रति शेयर आय (EPS) अनुमानित 3.02 डॉलर के मुकाबले घटकर 2.67 डॉलर रहना और सर्च विज्ञापन की रफ्तार धीमी पड़ना रहा।
गूगल अल्फाबेट शेयर गिरावट और 51.4 अरब डॉलर के AI खर्च ने क्यों बढ़ाई टेंशन?
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि गूगल अल्फाबेट शेयर गिरावट के पीछे मुख्य कारण AI की दौड़ में किया जा रहा भारी-भरकम पूंजीगत खर्च (Capex) है। तीसरी तिमाही के दौरान अल्फाबेट ने AI डेटा सेंटर और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड 51.4 अरब डॉलर खर्च कर दिए, जिसके कारण कंपनी का फ्री कैश फ्लो 9.07 अरब डॉलर के निगेटिव स्तर (घाटे) में चला गया। इसके अलावा कंपनी ने साल 2026 के लिए अपने कुल पूंजीगत खर्च का अनुमान 195 से 205 अरब डॉलर के बीच रखा है और भविष्य के डेटा सेंटर्स व ऊर्जा जरूरतों के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की प्रतिबद्धता जताई है।
इतने बड़े निवेश के बावजूद गूगल के मुख्य सर्च विज्ञापन कारोबार की ग्रोथ उम्मीद से कम रही है। निवेशकों को अब यह डर सता रहा है कि AI पर खर्च किए जा रहे अरबों डॉलर का मुनाफा वापस मिलने में काफी लंबा वक्त लग सकता है और AI टूल्स खुद गूगल के पारंपरिक सर्च बिजनेस को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
AI निवेश का बोझ और वैश्विक व भारतीय आईटी सेक्टर पर क्या पड़ेगा असर?
अल्फाबेट पर बढ़ते AI निवेश का बोझ सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने पूरे ग्लोबल टेक बाजार को हिलाकर रख दिया है। गुरुवार को अमेरिकी टेक इंडेक्स नैस्डैक (Nasdaq) 1.4 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ, जबकि अमेजन और इंटेल जैसी कंपनियों के शेयरों में भी भारी बिकवाली देखी गई। गूगल अल्फाबेट शेयर गिरावट से वैश्विक निवेशकों के बीच यह सीधा संदेश गया है कि बाजार अब केवल AI के बड़े-बड़े वादों से संतुष्ट नहीं है, बल्कि उसे ठोस मुनाफे और नकदी प्रवाह (Cash Flow) के नतीजे चाहिए।
भारतीय बाजार और आईटी सेक्टर के नजरिए से भी यह घटनाक्रम बेहद महत्वपूर्ण है। भारत के लाखों खुदरा निवेशक म्यूचुअल फंड्स और इंटरनेशनल ईटीएफ के जरिए अमेरिकी टेक शेयरों में पैसा लगाते हैं, जिन पर इस गिरावट का सीधा असर पड़ा है। वहीं दूसरी ओर, यदि अमेरिकी टेक दिग्गज अपने खर्चों में कटौती या री-स्ट्रक्चरिंग करती हैं, तो भारतीय आईटी सर्विस कंपनियों के क्लाउड और डिजिटल विज्ञापन से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर भी आने वाली तिमाहियों में दबाव देखने को मिल सकता है।
पाठकों के प्रमुख सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: गूगल अल्फाबेट शेयर गिरावट में कंपनी को कुल कितना नुकसान हुआ?
उत्तर: 29 अक्टूबर 2026 को अल्फाबेट के शेयरों में 12.6% की रिकॉर्ड गिरावट आई, जिससे एक ही दिन में कंपनी की मार्केट वैल्यू से लगभग 480 से 500 अरब डॉलर साफ हो गए।
प्रश्न 2: गूगल के शेयर अचानक इतने ज्यादा क्यों गिर गए?
उत्तर: तीसरी तिमाही में कंपनी की कमाई अनुमान से कम रहने, सर्च विज्ञापन की ग्रोथ धीमी पड़ने और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर 51.4 अरब डॉलर के भारी खर्च के कारण फ्री कैश फ्लो निगेटिव होने से निवेशकों ने जमकर बिकवाली की।
स्रोत: वॉल स्ट्रीट तिमाही नतीजे एवं प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बिजनेस मीडिया रिपोर्ट्स के इनपुट के साथ (BhaaratFeed न्यूज़ डेस्क)