खास बातें (Key Highlights):
- भारत और मैक्सिको व्यापार समझौते (Preferential Trade Agreement – PTA) के लिए दोनों देशों के बीच आधिकारिक स्तर पर बातचीत की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
- इस कदम का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच आयात शुल्क (Tariffs) में कटौती करना और भारतीय निर्यातकों के लिए लैटिन अमेरिकी बाजारों के दरवाजे खोलना है।
- ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, आईटी सेवाएं, कपड़ा और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों को इस समझौते से सबसे बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
वैश्विक व्यापार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में कदम उठाते हुए भारत और मैक्सिको व्यापार समझौते (Preferential Trade Agreement) को लेकर दोनों देशों ने औपचारिक बातचीत शुरू कर दी है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और मैक्सिको के आर्थिक मंत्रालय के प्रतिनिधियों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस तरजीही व्यापार समझौते (PTA) की रूपरेखा पर सहमति बनी है। लैटिन अमेरिका में मैक्सिको भारत का एक बेहद अहम व्यापारिक साझेदार है और इस नई पहल से दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
मिली जानकारी के मुताबिक, बीते कुछ महीनों से मैक्सिको द्वारा कुछ गैर-मुक्त व्यापार समझौते (Non-FTA) वाले देशों से आयातित वस्तुओं पर शुल्क बढ़ाए जाने के बाद भारतीय निर्यातकों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की थी। इसी को ध्यान में रखते हुए नई दिल्ली और मैक्सिको सिटी ने पूर्ण मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से पहले एक तरजीही व्यापार समझौते पर तेजी से आगे बढ़ने का निर्णय लिया है, ताकि चुनिंदा और प्रमुख उत्पादों पर सीमा शुल्क में तुरंत राहत दिलाई जा सके।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दोनों देशों के बीच मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार करीब 10 से 11 अरब डॉलर के आसपास है, जिसमें अभी कई गुना वृद्धि की क्षमता मौजूद है। भारत और मैक्सिको व्यापार समझौते के सिरे चढ़ने से भारतीय वाहन निर्माताओं, दवा कंपनियों और इंजीनियरिंग उत्पाद बनाने वाले उद्योगों को मैक्सिको के बाजार में सीधी और सस्ती पहुंच मिल सकेगी।
भारत और मैक्सिको व्यापार समझौते में किन प्रमुख सेक्टरों और उत्पादों पर रहेगा विशेष फोकस?
बता दें कि भारत से मैक्सिको को होने वाले निर्यात में ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स, जेनेरिक दवाएं, कार्बनिक रसायन, एल्युमीनियम उत्पाद, रेडीमेड गारमेंट्स और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। दूसरी ओर, भारत मैक्सिको से मुख्य रूप से कच्चा तेल, खनिज, इलेक्ट्रिकल मशीनरी और कुछ विशेष औद्योगिक उपकरण आयात करता है। बातचीत के पहले दौर में दोनों पक्षों ने उन वस्तुओं की सूची तैयार करने पर जोर दिया है, जिन पर चरणबद्ध तरीके से टैरिफ कम किया जा सकता है।
गौरतलब है कि मैक्सिको में पहले से ही कई भारतीय आईटी, फार्मा और ऑटो कंपनियां निवेश कर चुकी हैं और वहां अपनी उत्पादन इकाइयां चला रही हैं। तरजीही व्यापार समझौते (PTA) के तहत नियमों के आसान होने से न केवल वस्तुओं की आवाजाही सुगम होगी, बल्कि दोनों देशों के बीच संयुक्त उद्यम (Joint Ventures) और तकनीकी सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
द्विपक्षीय व्यापार और भारतीय निर्यातकों के लिए उत्तरी अमेरिकी बाजार के मायने
द्विपक्षीय व्यापार के लिहाज से मैक्सिको की भौगोलिक स्थिति भारतीय कंपनियों के लिए बेहद रणनीतिक मानी जाती है। मैक्सिको उत्तरी अमेरिकी व्यापार समझौते (USMCA – अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा) का हिस्सा है, जिसके चलते वहां स्थापित भारतीय कंपनियों को अमेरिकी और कनाडाई बाजारों के करीब अपनी सप्लाई चेन मजबूत करने में बड़ी मदद मिलती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच भारत अपने निर्यात को पारंपरिक बाजारों से आगे बढ़ाकर लैटिन अमेरिका और अफ्रीका जैसे उभरते क्षेत्रों में ले जाना चाहता है। ऐसे में भारत और मैक्सिको व्यापार समझौते पर शुरू हुई यह वार्ता आने वाले वर्षों में भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और एमएसएमई (MSME) कारोबारियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: भारत और मैक्सिको व्यापार समझौते (PTA) से भारत के किन उद्योगों को सबसे अधिक लाभ होगा?
उत्तर: भारत और मैक्सिको व्यापार समझौते से देश के ऑटोमोबाइल, ऑटो कंपोनेंट्स, फार्मास्यूटिकल्स, आईटी सर्विसेज, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग गुड्स सेक्टर को शुल्क में छूट और बड़े बाजार का सीधा लाभ मिलेगा।
प्रश्न 2: तरजीही व्यापार समझौता (PTA) क्या होता है?
उत्तर: तरजीही व्यापार समझौता (Preferential Trade Agreement) दो या अधिक देशों के बीच ऐसा समझौता होता है, जिसमें सभी वस्तुओं के बजाय चुनिंदा उत्पादों और सेवाओं पर आयात शुल्क (Tariffs) को कम या समाप्त किया जाता है।
स्रोत: केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के इनपुट्स एवं प्रमुख व्यापारिक रिपोर्ट्स के आधार पर (BhaaratFeed न्यूज़ डेस्क)