खबर की मुख्य बातें:
- दिल्ली के ऐतिहासिक मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन महारैली में विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे और कानूनी कार्रवाई की मांग की।
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेतृत्व ने इस रैली को 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने वाला कदम और त्योहारी सीजन में व्यापारियों को नुकसान पहुंचाने वाली अराजकता करार दिया।
रविवार, 1 नवंबर को राजधानी में आयोजित इंडिया गठबंधन महारैली के जरिए कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ केंद्र सरकार के सामने बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ और ‘चलो दिल्ली’ अभियान के तहत कनॉट प्लेस से मिंटो रोड होते हुए हजारों कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे। मंच से राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और ममता बनर्जी समेत कई दिग्गज नेताओं ने एक सुर में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का संकल्प दोहराया।
रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में योजनाबद्ध तरीके से दलितों, युवाओं, महिलाओं और पिछड़े वर्ग के लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काटे जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि संविधान से बड़ा कोई नहीं है और आम नागरिकों के मताधिकार के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
विपक्षी नेताओं का दावा है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के नाम पर लाखों वैध मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की साजिश रची जा रही है। इस विशाल इंडिया गठबंधन महारैली को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे और मैदान के चारों ओर करीब 3,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों के साथ 150 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे तैनात किए गए थे।
इंडिया गठबंधन महारैली में मतदाता सूची और चुनाव आयोग पर राहुल गांधी के तीखे सवाल
मंच से अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना साधा और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को ‘देशद्रोह’ जैसा गंभीर अपराध बताया। राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता से समझौता नहीं होने दिया जाएगा और ज्ञानेश कुमार को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस मैदान को लोकतंत्र की रक्षा का संग्राम स्थल बताते हुए कहा कि जब तक चुनाव प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बहाल नहीं होती, विपक्ष का यह आंदोलन सड़क से संसद तक जारी रहेगा।
इसी दौरान तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी, राजद नेता तेजस्वी यादव और शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत ने भी केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को घेरा। विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि इंडिया गठबंधन महारैली में आने वाले कार्यकर्ताओं की बसों और ट्रेनों को प्रदूषण नियमों तथा अन्य कारणों का हवाला देकर रास्ते में रोकने की कोशिश की गई, इसके बावजूद देश के कोने-कोने से लोग दिल्ली पहुंचे।
रामलीला मैदान दिल्ली के प्रदर्शन पर अमित शाह और भाजपा का पलटवार, क्या होंगे सियासी मायने
दूसरी ओर, रामलीला मैदान दिल्ली में हुए इस विपक्षी जुटान पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बेहद तीखा पलटवार किया है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 1 नवंबर को 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी के दिन कांग्रेस द्वारा ऐसा ‘जलसा’ आयोजित करना पीड़ित सिख परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि चुनावों में लगातार मिल रही हार से हताश होकर विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने और देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है।
सियासी जानकारों के मुताबिक, आगामी विधानसभा चुनावों और स्थानीय निकाय चुनावों से पहले मतदाता सूची के मुद्दे पर विपक्ष ने अपनी एकजुटता दिखाने का बड़ा प्रयास किया है। वहीं चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) और भाजपा नेताओं ने त्योहारी सीजन के बीच इस इंडिया गठबंधन महारैली के कारण दिल्ली के बाजारों और व्यापारियों को होने वाले आर्थिक नुकसान का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया है। आने वाले संसद सत्र और चुनावी राज्यों में वोटर लिस्ट (SIR) का यह विवाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनने जा रहा है।
खबर से जुड़े अहम सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: दिल्ली में इंडिया गठबंधन महारैली क्यों आयोजित की गई?
उत्तर: यह महारैली मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित तौर पर वोटरों के नाम काटे जाने के विरोध में और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित की गई।
प्रश्न 2: इंडिया गठबंधन के इस प्रदर्शन पर गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा ने क्या प्रतिक्रिया दी?
उत्तर: गृह मंत्री अमित शाह ने 1984 के सिख दंगों की बरसी पर रैली करने को लेकर कांग्रेस की संवेदनशीलता पर सवाल उठाए, जबकि भाजपा ने इसे संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने और दिल्ली के व्यापारियों को नुकसान पहुंचाने वाला कदम बताया।
स्रोत: आधिकारिक राजनीतिक बयान एवं प्रमुख राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के इनपुट के साथ (BhaaratFeed न्यूज़ डेस्क)