खबर की मुख्य बातें:
- एयर इंडिया फ्लाइट रूट और ऑपरेशनल क्षमता में बदलाव करते हुए एयरलाइन ने पश्चिमी देशों की कई उड़ानों को दिल्ली से मुंबई शिफ्ट करने की योजना बनाई है।
- पड़ोसी देश पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) भारतीय विमानों के लिए बंद रहने के कारण ईंधन खर्च और उड़ान के समय को बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
- इस रणनीतिक बदलाव से यूरोप, ब्रिटेन और उत्तरी अमेरिका जाने वाले यात्रियों को बिना किसी तकनीकी स्टॉपओवर के सीधी उड़ान की सुविधा मिल सकेगी।
अंतरराष्ट्रीय विमानन क्षेत्र से जुड़ी एक अहम खबर में एयर इंडिया फ्लाइट रूट और उड़ान संचालन को पुनर्गठित करते हुए टाटा समूह की इस एयरलाइन ने अपनी पश्चिम की ओर जाने वाली (West-bound) कई लंबी दूरी की उड़ानों की क्षमता दिल्ली से मुंबई शिफ्ट करने का फैसला किया है। पड़ोसी देश पाकिस्तान द्वारा भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद रखे जाने से हो रहे भारी आर्थिक नुकसान और बढ़ते सफर के समय को कम करने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, उत्तर भारत और विशेषकर राजधानी दिल्ली से यूरोप, ब्रिटेन और अमेरिका की ओर उड़ान भरने वाले विमानों को पाकिस्तानी एयरस्पेस बंद होने की वजह से एक लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। दिल्ली से उड़ान भरने के बाद विमानों को पहले दक्षिण की ओर गुजरात या अरब सागर के ऊपर से होते हुए पश्चिमी देशों की तरफ मुड़ना पड़ता है, जिससे हर उड़ान में डेढ़ से दो घंटे का अतिरिक्त समय लग रहा है।
आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस अतिरिक्त दूरी की वजह से न केवल विमान के ईंधन (ATF) की खपत बहुत ज्यादा बढ़ गई है, बल्कि कई लंबी दूरी की उड़ानों को रास्ते में ईंधन भरने के लिए यूरोप के किसी हवाई अड्डे पर तकनीकी ठहराव (Technical Stopover) भी लेना पड़ता है। इसी समस्या से निपटने के लिए एयर इंडिया फ्लाइट रूट में यह व्यावहारिक बदलाव किया जा रहा है।
एयर इंडिया फ्लाइट रूट में बदलाव: दिल्ली से मुंबई क्यों शिफ्ट की जा रही हैं पश्चिमी देशों की उड़ानें?
विमानन विशेषज्ञों और एयरलाइन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, भौगोलिक स्थिति के लिहाज से मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अरब सागर के तट पर स्थित है। जब कोई विमान मुंबई से यूरोप या उत्तरी अमेरिका के लिए उड़ान भरता है, तो उसे पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र की आवश्यकता नहीं पड़ती और वह सीधे अरब सागर व खाड़ी देशों के ऊपर से होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंच सकता है।
यही कारण है कि एयर इंडिया फ्लाइट रूट की नई रणनीति के तहत दिल्ली से मुंबई फ्लाइट्स की संख्या और बड़े विमानों (Wide-body aircraft) की तैनाती को मुंबई हब पर बढ़ाया जा रहा है। दिल्ली से जाने वाली जिन उड़ानों को लंबा चक्कर लगाने के कारण वजन कम रखना पड़ता था या सीटें खाली छोड़नी पड़ती थीं, वे विमान अब मुंबई से पूरी क्षमता और पूरे पेलोड के साथ नॉन-स्टॉप उड़ान भर सकेंगे।
पाकिस्तानी एयरस्पेस बंद होने से हवाई किराए और यात्रियों के सफर पर क्या पड़ेगा असर?
गौरतलब है कि पड़ोसी देश पाकिस्तान द्वारा हवाई क्षेत्र पर लगाए गए प्रतिबंधों का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के परिचालन खर्च पर पड़ा है। जब किसी विमान को दो घंटे का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ता है, तो एयरलाइन को हर उड़ान पर लाखों रुपये का अतिरिक्त ईंधन और क्रू ड्यूटी भत्ता खर्च करना पड़ता है, जिसका बोझ अंततः यात्रियों के टिकट किराए पर पड़ता है।
अब दिल्ली से मुंबई फ्लाइट्स की क्षमता शिफ्ट होने और एयर इंडिया फ्लाइट रूट के तर्कसंगत बनने से एयरलाइन को ईंधन लागत में बड़ी बचत होगी। इसके साथ ही पश्चिमी देशों का सफर करने वाले भारतीय यात्रियों को बीच रास्ते में री-फ्यूलिंग के लिए रुकने की परेशानी से निजात मिलेगी और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय हवाई किराए को स्थिर रखने में भी मदद मिलेगी। उत्तर भारत के यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स के जरिए मुंबई हब से जोड़कर आगे की यात्रा सुगम बनाई जाएगी।
पाठकों के प्रमुख सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: एयर इंडिया फ्लाइट रूट में बदलाव कर उड़ानों को दिल्ली से मुंबई क्यों शिफ्ट किया जा रहा है?
उत्तर: पाकिस्तानी एयरस्पेस बंद होने के कारण दिल्ली से यूरोप और अमेरिका जाने वाले विमानों को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है; मुंबई से अरब सागर के रास्ते सीधा रूट मिलने के कारण ईंधन और समय बचाने के लिए यह बदलाव किया गया है।
प्रश्न 2: इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले भारतीय यात्रियों को क्या लाभ होगा?
उत्तर: मुंबई से सीधी उड़ान भरने पर विमानों को बीच रास्ते में ईंधन भरने के लिए तकनीकी स्टॉप नहीं लेना पड़ेगा, जिससे यात्रा का समय बचेगा और नॉन-स्टॉप कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
स्रोत: विमानन क्षेत्र की आधिकारिक जानकारी एवं प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के इनपुट के साथ (BhaaratFeed न्यूज़ डेस्क)