खास बातें (Key Highlights):
- कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका आज दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के समक्ष पेश नहीं हुए।
- दोनों नेताओं ने पुलिस से पेशी के लिए अतिरिक्त समय मांगा है, जिसके बाद अब उन्हें नया नोटिस जारी किया जाएगा।
- जंतर मंतर पर प्रदर्शन के मामले में कल ही दोनों नेताओं को 50-50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत मिली थी।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख नेता सौरव दास और आशुतोष रांका आज दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए। क्राइम ब्रांच ने दोनों नेताओं को राजौरी गार्डन स्थित अपने दफ्तर में हाजिर होने के लिए समन भेजा था। हालांकि, दोनों नेताओं ने पुलिस से पेश होने के लिए थोड़ा और वक्त मांगा है, जिसके चलते अब जांच एजेंसी उन्हें नया नोटिस जारी करने की तैयारी कर रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक, जमानत मिलने के ठीक एक दिन बाद ही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दोनों को तलब किया था। पुलिस इस पूरे प्रकरण में नियमों के उल्लंघन को लेकर आगे की पूछताछ करना चाहती है। सौरव दास और आशुतोष रांका द्वारा समय मांगे जाने के बाद आज होने वाली पूछताछ टल गई है।
बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी के इन दोनों नेताओं को बीते कल ही दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट से राहत मिली थी। अदालत ने सौरव दास और आशुतोष रांका को 50,000-50,000 रुपये के निजी मुचलके (Bail Bond) पर रिहा करने का आदेश दिया था। जेल से बाहर आने के तुरंत बाद क्राइम ब्रांच के समन ने दोनों नेताओं की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ा दी हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं पर क्या हैं आरोप और क्यों हुई थी गिरफ्तारी?
गौरतलब है कि यह पूरा विवाद 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। केंद्र सरकार और प्रशासन ने 12 अक्टूबर को ही जंतर मंतर को अधिकृत प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया था। इस सरकारी आदेश के बावजूद 13 अक्टूबर को सौरव दास और आशुतोष रांका हाथों में तिरंगा लेकर वहां प्रदर्शन करने पहुंच गए थे।
प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी और शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने दोनों नेताओं को मौके से हिरासत में ले लिया था। इसके बाद शांति नियमों का उल्लंघन करने के मामले में उन्हें पांच दिनों के लिए जेल भेज दिया गया था। कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं से अब दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच इसी घटनाक्रम को लेकर सवाल-जवाब करना चाहती है।
क्यों अहम है यह खबर और जंतर मंतर प्रदर्शन मामले में आगे क्या होगा असर?
जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के बाद वहां किसी भी तरह के जमावड़े पर प्रशासन की सख्त नजर है। जमानत मिलने के तुरंत बाद मामले की जांच क्राइम ब्रांच के पास जाना और राजौरी गार्डन दफ्तर से समन जारी होना यह दर्शाता है कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है।
अब चूंकि सौरव दास और आशुतोष रांका ने पुलिस से मोहलत मांगी है, इसलिए कॉकरोच जनता पार्टी के इन नेताओं को जल्द ही नया समन भेजा जाएगा। आने वाले दिनों में क्राइम ब्रांच की पूछताछ और नए नोटिस पर दोनों नेताओं की उपस्थिति से ही यह तय होगा कि इस केस में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: कॉकरोच जनता पार्टी के किन नेताओं को दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने समन भेजा है?
उत्तर: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के दो नेताओं, सौरव दास और आशुतोष रांका को राजौरी गार्डन स्थित कार्यालय में पेश होने के लिए समन जारी किया था।
प्रश्न 2: सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने क्यों गिरफ्तार किया था?
उत्तर: 12 अक्टूबर को जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के बावजूद 13 अक्टूबर को वहां तिरंगा लेकर प्रदर्शन करने और शांति नियम तोड़ने के आरोप में दोनों को गिरफ्तार कर 5 दिन के लिए जेल भेजा गया था।