एक नज़र में मुख्य बातें (Key Highlights):
- दिल्ली स्कूल हाइब्रिड मोड के तहत राजधानी और एनसीआर के प्रमुख शहरों में कक्षा 5 तक की पढ़ाई अब ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से होगी।
- वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा ग्रैप-3 (GRAP Stage-III) की पाबंदियां लागू किए जाने के बाद शिक्षा निदेशालय ने यह तत्काल आदेश जारी किया है।
- दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत के सभी सरकारी व निजी स्कूलों पर यह नियम अनिवार्य रूप से लागू रहेगा।
दिवाली से ठीक पहले राजधानी में जहरीली होती हवा और गहराते स्मॉग को देखते हुए प्रशासन ने दिल्ली स्कूल हाइब्रिड मोड में चलाने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। दिल्ली शिक्षा निदेशालय (DoE) द्वारा जारी सर्कुलर के मुताबिक, शिक्षा निदेशालय, एनडीएमसी (NDMC), एमसीडी (MCD) और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में कक्षा 5 तक के छात्रों के लिए तुरंत प्रभाव से हाइब्रिड क्लासेज शुरू करने को कहा गया है। अगले आदेश तक छोटे बच्चों और उनके अभिभावकों के पास घर से ऑनलाइन क्लास लेने या स्कूल आने का खुला विकल्प रहेगा।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस फैसले की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के पांच शहरों—नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोनीपत में भी पांचवीं कक्षा तक यही व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने कहा कि स्कूलों के लिए हाइब्रिड विकल्प देना पूरी तरह अनिवार्य है और कोई भी स्कूल अपनी मर्जी से इसे लागू करने से इनकार नहीं कर सकता।
शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वे इस बदलाव की जानकारी तुरंत व्हाट्सएप और एसएमएस के माध्यम से अभिभावकों तक पहुंचाएं। इसके अलावा सभी जिलों और जोन के उप शिक्षा निदेशकों (DDEs) को अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों का औचक निरीक्षण करने का जिम्मा सौंपा गया है, ताकि दिल्ली स्कूल हाइब्रिड मोड के आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो सके।
दिल्ली स्कूल हाइब्रिड मोड का निर्देश और एनसीआर के इन शहरों में नियम
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता तेजी से बिगड़ने के बाद ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के तीसरे चरण यानी ग्रैप-3 (GRAP-III) को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया था। आयोग के इसी निर्देश के अनुपालन में दिल्ली और आसपास के एनसीआर जिलों के प्रशासन ने छोटे बच्चों को सुबह की जहरीली धुंध से बचाने के लिए यह कदम उठाया है। जहां भी ऑनलाइन पढ़ाई की तकनीकी सुविधा उपलब्ध है, वहां स्कूलों को ऑफलाइन कक्षा के साथ-साथ लाइव ऑनलाइन क्लास की व्यवस्था भी देनी होगी।
बता दें कि हर साल नवंबर के महीने में प्रदूषण बढ़ने पर स्कूलों को पूरी तरह बंद करने से बच्चों की पढ़ाई और परीक्षाओं पर असर पड़ता था। इसी वजह से दिल्ली स्कूल हाइब्रिड मोड का रास्ता अपनाया गया है, जिससे जो अभिभावक अपने बच्चों को घर पर रखकर पढ़ाना चाहते हैं वे ऑनलाइन माध्यम चुन सकें, और जिन कामकाजी परिवारों के पास घर पर देखभाल या इंटरनेट का साधन नहीं है, उनके बच्चे स्कूल जा सकें।
दिल्ली-एनसीआर वायु प्रदूषण का स्तर और ग्रैप-3 पाबंदियां लागू होने से क्या बदलेगा
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ‘समीर’ ऐप के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को दिवाली से एक दिन पहले दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 364 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है, जबकि कई इलाकों में यह आंकड़ा 400 के पार ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गया है। वहीं सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.9 डिग्री नीचे गिरकर 16.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हवा की रफ्तार धीमी होने और तापमान गिरने से दिल्ली-एनसीआर वायु प्रदूषण के कण जमीन के निचले स्तर पर ही जम गए हैं।
आसमान में छाई धुंध की चादर और ग्रैप-3 पाबंदियां लागू होने के बाद अब पूरे दिल्ली-एनसीआर में गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर भी रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही बीएस-3 (BS-III) पेट्रोल और बीएस-4 (BS-IV) डीजल वाले चार पहिया वाहनों के परिचालन पर सख्ती बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि दिल्ली स्कूल हाइब्रिड मोड का लाभ उठाते हुए छोटे बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को सुबह व शाम के समय घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: दिल्ली स्कूल हाइब्रिड मोड का आदेश किन कक्षाओं और किन शहरों में लागू हुआ है?
उत्तर: यह आदेश नर्सरी से लेकर कक्षा 5 तक के छात्रों के लिए दिल्ली के सभी सरकारी व निजी स्कूलों के साथ-साथ एनसीआर के नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में लागू किया गया है।
प्रश्न 2: हाइब्रिड मोड में क्या बच्चों का स्कूल जाना पूरी तरह बंद रहेगा?
उत्तर: नहीं, हाइब्रिड मोड के तहत स्कूल ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह से कक्षाएं चलाएंगे; अभिभावक अपनी सुविधा और बच्चे के स्वास्थ्य को देखते हुए ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी माध्यम का चुनाव कर सकते हैं।
स्रोत: दिल्ली शिक्षा निदेशालय (DoE) के आधिकारिक सर्कुलर, CAQM एवं प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के इनपुट के साथ (BhaaratFeed न्यूज़ डेस्क)